हल्द्वानी की चर्चित व्लॉगर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर दीक्षा पांडे एक बार फिर सुर्खियों में हैं। फौजियों की पत्नियों और पहाड़ की महिलाओं को लेकर की गई विवादित टिप्पणियों के बाद सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना का सामना कर रहीं दीक्षा पांडे की तबीयत अचानक बिगड़ गई। बताया जा रहा है कि उन्होंने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था, जिसके बाद उन्हें तत्काल हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल उनकी हालत में सुधार बताया जा रहा है।
अस्पताल में भर्ती होने के बाद दी प्रतिक्रिया
अस्पताल में उपचार के दौरान दीक्षा पांडे ने मीडिया से बातचीत में अपनी स्थिति को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि गरीब लोगों की बात कोई नहीं सुनता और समाज में केवल प्रभावशाली एवं संपन्न लोगों की आवाज को महत्व दिया जाता है। दीक्षा ने कहा, “गरीब आदमी की कोई नहीं सुनता है। मैं गरीब हूं इसलिए मेरी बात नहीं सुनी जा रही। सिर्फ अमीर आदमी की सुनी जाती है।” उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर एक बार फिर बहस छिड़ गई है।
विवादित वीडियो के बाद बढ़ा था विवाद
हाल ही में हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में धरना प्रदर्शन को लेकर चर्चा में आई दीक्षा पांडे ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो साझा किया था। वीडियो में उन्होंने सैनिकों की पत्नियों को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। वीडियो में वह कथित तौर पर कहती नजर आई थीं, “पति फौज में और बीवी मौज में।” इसके अलावा उन्होंने पहाड़ की महिलाओं को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने कड़ी नाराजगी जताई। बड़ी संख्या में यूजर्स ने इसे सैनिक परिवारों और महिलाओं का अपमान बताते हुए कार्रवाई की मांग की।
पुलिस में दी गई तहरीर
मामले ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब पहाड़ी आर्मी महिला मोर्चा की नगर अध्यक्ष ने दीक्षा पांडे के खिलाफ पुलिस में तहरीर दी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि दीक्षा की टिप्पणियां सैनिकों की पत्नियों की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली हैं और इससे सेना से जुड़े परिवारों की भावनाएं आहत हुई हैं। महिला मोर्चा ने प्रशासन से मामले में उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि सेना देश की सुरक्षा के लिए समर्पित रहती है और सैनिक परिवारों के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
सोशल मीडिया पर जारी है बहस
घटना के बाद सोशल मीडिया पर दीक्षा पांडे को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। एक ओर लोग उनके बयान की आलोचना कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग मानसिक दबाव और ऑनलाइन ट्रोलिंग को लेकर भी चिंता जता रहे हैं। फिलहाल पुलिस को दी गई शिकायत और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर नजर बनाए हुए है।
