मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भूमि विवाद और रास्ते से जुड़े मामलों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन के दौरान एक महिला की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि पीड़ितों को न्याय दिलाने में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता दर्शन में एक महिला ने मुख्यमंत्री को बताया कि दबंग उसे रास्ता देने से इनकार कर रहे हैं और शिकायत करने पर भी धमकी देते हैं। महिला की बात सुनकर मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला को हर हाल में रास्ता दिलाया जाए। उन्होंने यहां तक निर्देश दिया कि यदि लेखपाल, कानूनगो और तहसीलदार रास्ता दिलाने में खुद को असमर्थ मानते हैं तो उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाए। सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भूमि संबंधी मामलों में किसी भी स्तर पर हीलाहवाली सामने आने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए निलंबन जैसे कदम उठाने में भी कोई संकोच न किया जाए। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि जनता की शिकायतों के समाधान में शिथिलता या लापरवाही स्वीकार नहीं होगी। उन्होंने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि राजस्व से जुड़े मामलों की निगरानी गंभीरता से की जाए और पीड़ितों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। मंगलवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री करीब 200 लोगों से मिले। उन्होंने लोगों के पास जाकर उनकी समस्याएं सुनीं और उनके प्रार्थना पत्र लेकर संबंधित मामलों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को अपनी समस्या को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है और शिकायतों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा।
जनता दर्शन में कई अन्य लोगों ने भी जमीन और राजस्व से जुड़े मामलों में अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही की शिकायत की। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलाधिकारियों को कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सीएम योगी ने अधिकारियों को यह भी संदेश दिया कि भूमि विवाद जैसे मामलों में देरी कई बार आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन जाती है। इसलिए शिकायतों का समयबद्ध और निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित किया जाना चाहिए। जनता दर्शन में इलाज के लिए आर्थिक सहायता मांगने पहुंचे लोगों को भी मुख्यमंत्री ने मदद का भरोसा दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जरूरतमंद पात्र लोगों का आयुष्मान कार्ड बनवाया जाए, ताकि उन्हें इलाज के लिए आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि आयुष्मान योजना के बाद भी इलाज के लिए आर्थिक मदद की जरूरत पड़ती है तो पात्र लोगों को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी पात्र व्यक्ति को सरकारी मदद के लिए अनावश्यक परेशानी न हो। जनता दर्शन में मुख्यमंत्री का संदेश साफ रहा कि प्रशासन की जिम्मेदारी केवल शिकायत सुनना नहीं, बल्कि उसका प्रभावी समाधान कराना भी है। खासकर जमीन और राजस्व से जुड़े मामलों में लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर अब सीधे कार्रवाई की जाएगी।
