चमोली:- उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में टीएचडीसी (टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड) की निर्माणाधीन टनल में पानी घुसने और भूधंसाव की घटना से बड़ा हादसा हो गया। टनल के भीतर मलबा और पानी भरने के बाद कई कर्मचारी फंस गए। राहत और बचाव टीमें लगातार रेस्क्यू अभियान में जुटी हुई हैं। हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है, जबकि कई श्रमिक घायल हुए हैं। घटना के बाद रेस्क्यू किए गए घायल श्रमिकों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें घायलों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
खराब मौसम के बीच पीपलकोटी पहुंचे CM धामी
हादसे की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बेहद खराब मौसम के बीच पीपलकोटी पहुंचे। प्रतिकूल मौसम के कारण मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर की लैंडिंग भी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में हुई। मौके पर पहुंचकर सीएम धामी ने टनल में चल रहे राहत एवं बचाव अभियान का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य संबंधित एजेंसियों से रेस्क्यू ऑपरेशन की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को टनल में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही रेस्क्यू किए गए घायल श्रमिकों से मुलाकात कर उनका हालचाल जानने की भी बात कही।
22 लोगों के फंसे होने की सूचना
प्रशासन के अनुसार, टनल में कुल 22 लोगों के फंसे होने की सूचना थी। रातभर चले राहत एवं बचाव अभियान के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को बाहर निकाला गया। प्रशासन के मुताबिक शेष फंसे कर्मियों की तलाश और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने का अभियान जारी है। हादसे के बाद राहत कार्यों में सहयोग के लिए टनल के अंदर गए 6 बचावकर्मी भी सुरक्षित बताए गए हैं।
7 लोगों की मौत की पुष्टि
अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश के अनुसार हादसे में अब तक 7 मौतों की पुष्टि हुई है। मृतकों और हादसे से प्रभावित श्रमिकों में प्रदीप पंवार (35), निवासी ग्राम गांवर, चंबा, टिहरी; मुकेश; दुर्लभ शर्मा, बिहार; विजय, झारखंड; जितेंद्र; लोकेश्वर, छत्तीसगढ़ और घुनेश्वर, छत्तीसगढ़ के नाम बताए गए हैं। हादसे में घायल 14 लोगों के स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जा रही है। रेस्क्यू किए गए घायलों को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय गोपेश्वर ले जाया गया है।
करीब 1.5 किलोमीटर हिस्से में हुआ भूधंसाव
टीएचडीसी की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टीआरटी टनल की लंबाई करीब 3 किलोमीटर बताई गई है। जानकारी के अनुसार टनल के लगभग 1.50 किलोमीटर हिस्से में भूधंसाव के कारण मलबा और पानी भर गया, जिससे अंदर काम कर रहे श्रमिकों के लिए स्थिति गंभीर हो गई। घटना के बाद जिला प्रशासन ने रातभर राहत एवं बचाव अभियान चलाया। जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार घटनास्थल पर मौजूद रहकर रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं।
देहरादून से भी रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित आपदा परिचालन केंद्र से भी रेस्क्यू ऑपरेशन की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने और घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सीएम धामी ने रेस्क्यू किए गए घायल श्रमिकों से फोन पर बातचीत कर उनका हालचाल भी जाना और हरसंभव सहायता का भरोसा दिया।
फंसे श्रमिकों को निकालने की कोशिश जारी
प्रशासन और बचाव एजेंसियों की टीमें टनल में फंसे कर्मियों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने में जुटी हैं। मलबे और पानी के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक अभियान पूरा होने के बाद ही हादसे की स्थिति और प्रभावित लोगों की संख्या की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। पीपलकोटी टनल हादसे से जुड़ी जानकारी के लिए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, देहरादून ने 0135-2710334, 82188 67005 और 1070 हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
