चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले में टीएचडीसी की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल में मलबा और पानी घुसने से हुए हादसे के बाद परियोजना की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए टनल में काम कर रहे श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। विधायक लखपत बुटोला ने आरोप लगाया कि हादसे के दौरान टनल के भीतर पर्याप्त ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं थी। उनके मुताबिक, घटना के समय करीब 22 कर्मचारी टनल के अंदर मौजूद थे। उन्होंने यह भी कहा कि इसी स्थान पर पिछले साल भी हादसा हो चुका है, बावजूद इसके सुरक्षा इंतजामों में अपेक्षित सुधार नहीं किया गया।
सुरक्षा व्यवस्था पर विधायक ने उठाए सवाल
लखपत बुटोला ने कहा कि हादसा बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और प्रशासन की पूरी टीम मौके पर मौजूद है। उन्होंने राहत एवं बचाव अभियान को प्राथमिकता देते हुए टनल में फंसे श्रमिकों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालने की मांग की। विधायक ने यह भी कहा कि हादसे के समय टनल के अंदर मौजूद श्रमिकों की वास्तविक संख्या को लेकर शुरुआत में स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं थी। प्रशासन के अनुसार, 22 कर्मचारी हादसे के दौरान टनल में फंस गए थे। अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 14 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। वहीं 3 लापता श्रमिकों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
1.5 किलोमीटर हिस्से में भूधंसाव
टीएचडीसी की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल की लंबाई करीब 3 किलोमीटर बताई गई है। हादसे के दौरान टनल के लगभग 1.50 किलोमीटर हिस्से में भूधंसाव हुआ, जिसके बाद मलबा और पानी अंदर पहुंच गया। इसके चलते वहां काम कर रहे श्रमिकों के लिए हालात बेहद चुनौतीपूर्ण हो गए। रेस्क्यू अभियान में NDRF, SDRF, ITBP, पुलिस के साथ तकनीकी विशेषज्ञों और अन्य बचाव टीमों को लगाया गया है। टनल के भीतर मलबे और पानी के कारण बचाव अभियान बेहद सावधानी के साथ चलाया जा रहा है।
DM गौरव कुमार ने दिए जरूरी निर्देश
जिलाधिकारी गौरव कुमार घटनास्थल पर मौजूद अधिकारियों और रेस्क्यू टीमों से लगातार अभियान की जानकारी ले रहे हैं। उन्होंने बचाव दलों को शेष लापता श्रमिकों तक पहुंचने के लिए उपलब्ध सभी जरूरी संसाधनों और तकनीकी सहायता का प्रभावी इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की ओर से रेस्क्यू के साथ-साथ घायलों के इलाज और मौके पर जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का काम भी जारी है।
2025 में भी हुआ था बड़ा हादसा
विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना में हादसे का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 30 दिसंबर 2025 को लोको ट्रॉली की टक्कर में 81 श्रमिक घायल हुए थे। जानकारी के अनुसार, उस समय 81 श्रमिकों को टनल में काम के लिए लोको ट्रॉली से ले जाया जा रहा था। रास्ते में एक मालवाहक लोको ट्रॉली खड़ी थी, जिसके अचानक ब्रेक फेल होने के बाद वह अपनी जगह से खिसक गई। इसी दौरान श्रमिकों को ले जा रही लोको ट्रॉली उससे टकरा गई थी। हादसे में सभी 81 श्रमिक घायल हुए थे, जिन्हें रेस्क्यू कर जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में उपचार के लिए भर्ती कराया गया था। लगातार सामने आ रही घटनाओं के बीच अब विष्णुगाड-पीपलकोटी परियोजना में श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
