गैरसैंण:- आगामी उत्तराखंड विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) ने ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण से अपनी चुनावी रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है। पार्टी के सैनिक प्रकोष्ठ की ओर से आयोजित मंथन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों और अर्धसैनिक बलों से जुड़े लोगों ने भाग लिया। इस दौरान संगठन ने 2027 के चुनाव को लेकर अपने राजनीतिक इरादे स्पष्ट करते हुए कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार किया। कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व सैनिकों का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ तिलक लगाकर स्वागत किया गया। उत्तराखंड की लोक संस्कृति की झलक भी देखने को मिली, जहां ढोल-दमाऊ और मश्कबीन की धुनों के बीच अतिथियों का अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत उक्रांद के संस्थापक इंद्रमणि बडोनी और बिपिन रावत के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद तिरंगा फहराया गया, राष्ट्रगान हुआ और देशभक्ति के नारों के साथ “जय पहाड़, जय पहाड़ी” के उद्घोष गूंजे।
जल, जंगल, जमीन और भू-कानून रहे चर्चा के केंद्र
मंथन कार्यक्रम में वक्ताओं ने राज्य के मूल मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। जल, जंगल और जमीन पर स्थानीय लोगों के अधिकार, मजबूत भू-कानून, मूल निवास नीति तथा पलायन जैसी समस्याओं को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए गए। साथ ही यह भी कहा गया कि यदि उक्रांद को सत्ता मिली तो पूर्व सैनिकों, युवाओं, किसानों और महिलाओं से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा।
भाजपा-कांग्रेस पर साधा निशाना
मुख्य अतिथि और पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष कर्नल सुनील कोटनाला ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य गठन के बाद लंबे समय से सत्ता में रही भाजपा और कांग्रेस उत्तराखंड की अपेक्षाओं पर पूरी तरह खरी नहीं उतर सकीं। उन्होंने दावा किया कि अब प्रदेश को क्षेत्रीय नेतृत्व की आवश्यकता है और उक्रांद ही राज्य के हितों के लिए प्रभावी विकल्प बन सकता है। पार्टी नेताओं ने बेरोजगारी, पलायन और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को चुनावी एजेंडे का प्रमुख हिस्सा बताते हुए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का आह्वान किया।
गठबंधन से इनकार, गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने का दावा
कर्नल सुनील कोटनाला ने स्पष्ट किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में उक्रांद किसी भी राजनीतिक दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी अपने दम पर चुनाव मैदान में उतरेगी। उन्होंने यह भी दोहराया कि यदि उक्रांद की सरकार बनी तो गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करना प्राथमिकता होगी। इसके साथ ही राज्य के लिए मजबूत भू-कानून और मूल निवास से जुड़े प्रावधान लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाने का दावा भी किया गया। कार्यक्रम के अंत में पार्टी नेताओं ने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव और घर-घर जाकर संगठन को मजबूत करने तथा आगामी चुनाव की तैयारी में जुटने का आह्वान किया।
