पिथौरागढ़:- उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। धारचूला क्षेत्र में बारिश के बीच पहाड़ी से अचानक मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर गिरने से एक यात्री जीप बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। गनीमत रही कि चालक और जीप में सवार यात्री ने खतरा भांपते ही समय रहते वाहन से छलांग लगा दी और पीछे की ओर भाग गए। कुछ ही क्षण बाद भारी पत्थर और मलबा जीप के ऊपर जा गिरा। घटना तीनतोला-गस्कू सड़क पर हुई। हादसे के बाद इस मार्ग पर आवाजाही को लेकर खतरा और बढ़ गया है। जिस स्थान पर पहाड़ी दरकी है, वहां काफी ऊंचाई से रुक-रुककर पत्थर और मलबा नीचे गिर रहा है। ऐसे में सड़क से वाहन निकालना ही नहीं, बल्कि पैदल गुजरना भी जोखिम भरा बना हुआ है।
पहाड़ी दरकते ही चालक ने दिखाई सूझबूझ
बताया जा रहा है कि यात्री जीप तीनतोला-गस्कू सड़क से गुजर रही थी। इसी दौरान सड़क के ठीक ऊपर पहाड़ी से अचानक पत्थर और मलबा गिरने लगा। चालक की नजर जैसे ही पहाड़ी की हलचल पर पड़ी, उसने तुरंत वाहन रोक दिया। चालक और यात्री ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए बिना समय गंवाए जीप से उतरकर पीछे की तरफ दौड़ लगा दी। उनके वाहन से कुछ दूरी हटते ही पहाड़ी से भारी मलबा और बड़े-बड़े पत्थर नीचे आ गिरे। पत्थरों की चपेट में आने से यात्री जीप पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। अगर चालक ने समय रहते वाहन नहीं रोका होता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
काफी ऊंचाई से गिर रहा मलबा और बोल्डर
घटनास्थल पर पहाड़ी का बड़ा हिस्सा अस्थिर नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, काफी ऊंचाई से रुक-रुककर पत्थर और मलबा सड़क पर गिर रहा है। बारिश के कारण पहाड़ी में लगातार कटाव और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। ऐसे में तीनतोला-गस्कू सड़क पर सफर करने वाले लोगों के लिए खतरा लगातार बना हुआ है। वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को प्रभावित हिस्से से गुजरते समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
मूसलाधार बारिश से 21 सड़कें बंद
पिथौरागढ़ जिले में बारिश का असर सिर्फ एक सड़क तक सीमित नहीं है। लगातार हो रही बारिश के कारण जिले की कुल 21 सड़कें बंद हो गई हैं। इनमें तीन महत्वपूर्ण बॉर्डर रोड भी शामिल हैं।
बंद हुई प्रमुख सड़कों में:
- धारचूला-तवाघाट बॉर्डर रोड
- तवाघाट-गुंजी बॉर्डर रोड
- न्यू सोबला-दर-तिदांग बॉर्डर रोड
- 18 ग्रामीण क्षेत्र की सड़कें
सड़कों के बंद होने से सीमांत और ग्रामीण क्षेत्रों में आवाजाही प्रभावित हुई है। कई इलाकों में लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सड़कें खोलने में जुटे संबंधित विभाग
जिला प्रशासन की ओर से बंद सड़कों को खोलने का काम शुरू कर दिया गया है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी भूपेंद्र महर के मुताबिक, बारिश के कारण जिले में 21 सड़कें बंद हैं, जिनमें 18 ग्रामीण सड़कें शामिल हैं। उन्होंने बताया कि संबंधित विभागों की टीमें बंद मार्गों को खोलने के प्रयास में जुटी हुई हैं। मौसम और परिस्थितियां अनुकूल रहने पर जल्द से जल्द सभी सड़कों पर यातायात बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, लगातार बारिश के कारण भूस्खलन वाले इलाकों में काम करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। कई स्थानों पर दोबारा मलबा आने का खतरा भी बना हुआ है।
नदी-नाले उफान पर, प्रशासन ने जारी की अपील
पिथौरागढ़ जिले के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है, जबकि आसमान बादलों से ढका हुआ है। सुबह के समय कुछ क्षेत्रों में कोहरा भी देखने को मिला। लगातार बारिश के चलते जिले की प्रमुख नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर बढ़ गया है। काली नदी, गोरी नदी और रामगंगा नदी का जलस्तर सामान्य से अधिक बताया जा रहा है। जलस्तर बढ़ने के मद्देनजर प्रशासन ने लोगों से नदियों और नालों के किनारे जाने से बचने की अपील की है। खासकर बारिश के दौरान नदी किनारे सेल्फी लेने, मछली पकड़ने या अनावश्यक रूप से जलधाराओं के पास जाने से लोगों को सावधान किया गया है।
सीमांत इलाकों में मौसम बना चुनौती
पिथौरागढ़ जैसे पहाड़ी और सीमांत जिले में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, सड़क बंद होने और बोल्डर गिरने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में प्रशासन और संबंधित विभागों के सामने सड़क संपर्क बनाए रखना बड़ी चुनौती है।फिलहाल तीनतोला-गस्कू सड़क पर यात्री जीप के क्षतिग्रस्त होने की घटना ने एक बार फिर पहाड़ी मार्गों पर बढ़ते खतरे को सामने ला दिया है। राहत की बात यह है कि चालक और यात्री ने समय रहते वाहन से उतरकर अपनी जान बचा ली। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि बारिश के दौरान बेहद जरूरी होने पर ही संवेदनशील पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करें और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रुकने या पैदल गुजरने से बचें।
