Read Time:8 Minute, 32 Second
पिथौरागढ़:- उत्तराखंड पुलिस में सिपाही शेर सिंह के बाद अब एक और पुलिसकर्मी का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें वह पुलिस की वर्दी में अपनी बात रखते हुए इस्तीफा देने की इच्छा जाहिर कर रहा है। पिथौरागढ़ में तैनात बताए जा रहे सिपाही अमित कुमार ने वीडियो में दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए प्रदर्शन का जिक्र किया और शेर सिंह के समर्थन में अपनी बात रखी। वीडियो सामने आने के बाद उत्तराखंड पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अमित कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पुलिस के अनुसार, वर्दी में सोशल मीडिया पर इस तरह का वीडियो पोस्ट करना विभागीय मर्यादा और निर्धारित आचरण नियमों के अनुरूप नहीं है। जवान के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
वायरल वीडियो में क्या बोले अमित कुमार?
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में अमित कुमार खुद को उत्तराखंड पुलिस का जवान बताते हुए 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए घटनाक्रम का जिक्र करते हैं। वीडियो में वह शेर सिंह का समर्थन करते हुए कथित तौर पर पुलिस की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हैं। अमित कुमार वीडियो में अपनी नौकरी से इस्तीफा देने की इच्छा भी व्यक्त करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने उत्तराखंड पुलिसकर्मियों के 4600 ग्रेड पे की मांग का भी उल्लेख किया। वीडियो के सामने आने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया है।
23 जुलाई को कांवड़ मेले की ड्यूटी के लिए गए थे हरिद्वार
पुलिस विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, आरक्षी अमित कुमार पिथौरागढ़ में तैनात थे। उन्हें 23 जुलाई को कांवड़ मेला ड्यूटी के लिए हरिद्वार रवाना किया गया था। बताया गया कि 30 जुलाई को उनका वर्दी में रिकॉर्ड किया गया वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस विभाग ने मामले का संज्ञान लिया और कार्रवाई शुरू की।
पुलिस ने बताया- पहले भी हो चुकी है विभागीय कार्रवाई
पिथौरागढ़ पुलिस की ओर से जारी प्रेस रिलीज में अमित कुमार के पूर्व कार्यकाल को लेकर भी जानकारी दी गई है। पुलिस के मुताबिक, अमित कुमार पहले रुद्रप्रयाग जिले में तैनात थे। शिकायतों के आधार पर बाद में उनका तबादला पिथौरागढ़ किया गया था। पुलिस का दावा है कि उनके खिलाफ पूर्व में अनुशासनहीनता, ड्यूटी में लापरवाही और विभागीय निर्देशों की अवहेलना से संबंधित मामलों में विभागीय कार्रवाई हो चुकी है और उन्हें नियमानुसार दंडित भी किया गया था।
वर्दी में वीडियो बनाने पर निलंबन
पुलिस के अनुसार, 30 जुलाई को अमित कुमार ने पुलिस की वर्दी पहनकर सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किया। विभाग ने इसे पुलिसकर्मियों के लिए निर्धारित आचरण और विभागीय मर्यादा के विपरीत माना। पुलिस का कहना है कि इस तरह की गतिविधि सोशल मीडिया नीति, उत्तराखंड सरकारी सेवक आचरण नियमावली-2002 और संबंधित पुलिस कानूनों के प्रावधानों के विपरीत है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अमित कुमार को 30 जुलाई 2026 को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। इसके साथ ही उनके खिलाफ विभागीय स्तर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
पुलिस बोली- अनुशासन के खिलाफ किसी भी गतिविधि को स्वीकार नहीं किया जाएगा
पुलिस उपाधीक्षक गोविंद बल्लभ जोशी ने कहा कि विभागीय अनुशासन, सेवा आचरण और कानून-व्यवस्था के विपरीत किसी भी तरह के कृत्य को स्वीकार नहीं किया जाएगा। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान जो भी कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
शेर सिंह के समर्थन में आया अमित कुमार का वीडियो
अमित कुमार ने अपने वीडियो में जिस शेर सिंह का जिक्र किया है, वह भी उत्तराखंड पुलिस में कांस्टेबल के पद पर तैनात बताए जाते हैं और पिथौरागढ़ में उनकी तैनाती रही है। हाल ही में शेर सिंह का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वह दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे एक छात्र आंदोलन के मंच से पुलिस सेवा से इस्तीफा देने की बात करते नजर आए थे। उन्होंने पुलिसकर्मियों की सेवा संबंधी मांगों और 4600 ग्रेड पे का मुद्दा भी उठाया था। शेर सिंह के मामले में भी उत्तराखंड पुलिस ने बाद में आधिकारिक बयान जारी कर विभागीय कार्रवाई की जानकारी दी थी।
पुलिस के मुताबिक शेर सिंह पहले से निलंबित थे
कुमाऊं रेंज की आईजी निवेदिता कुकरेती के अनुसार, शेर सिंह 28 जून 2026 से बिना आधिकारिक अनुमति के पिथौरागढ़ से अनुपस्थित थे। पुलिस के मुताबिक, इस संबंध में उन्हें नोटिस जारी किया गया था, लेकिन जवाब नहीं मिलने के बाद 20 जुलाई 2026 को निलंबित कर दिया गया था। पुलिस ने शेर सिंह के संबंध में पूर्व आपराधिक मामलों का भी उल्लेख किया था। हालांकि, इन आरोपों और मामलों से संबंधित अंतिम स्थिति संबंधित कानूनी प्रक्रिया और आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर ही तय होगी।
अब अमित कुमार के मामले में विभागीय जांच
अमित कुमार का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने तत्काल निलंबन की कार्रवाई की है। अब विभागीय जांच में यह तय किया जाएगा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों और सोशल मीडिया गतिविधि के संबंध में आगे क्या कार्रवाई की जाती है। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर उत्तराखंड पुलिसकर्मियों की सेवा शर्तों, ग्रेड पे की मांग, विभागीय अनुशासन और सोशल मीडिया पर पुलिसकर्मियों के आचरण को लेकर बहस छेड़ दी है।
