देहरादून: उत्तराखंड में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और युवा खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने का मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 15वीं राज्य स्तरीय आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक प्रतियोगिता-2026 का आयोजन किया गया। 25 अक्टूबर, रविवार को महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, देहरादून में आयोजित इस प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न स्कूलों और जिम्नास्टिक अकादमियों से आए करीब 150 बालक-बालिकाओं ने हिस्सा लिया। जिम्नास्टिक फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में जिम्नास्टिक एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड की ओर से आयोजित इस प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने विभिन्न स्पर्धाओं में अपने कौशल, संतुलन और शारीरिक क्षमता का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में बालिकाओं की भागीदारी और प्रदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा।
बालिका, बालक और ओवरऑल टीम ट्रॉफी के विजेता
प्रतियोगिता में टीम स्तर पर अलग-अलग संस्थानों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए ट्रॉफियां हासिल कीं। बालिका वर्ग की ट्रॉफी दून जिम्नास्टिक अकादमी के नाम रही, जबकि बालक वर्ग में सेंट जॉर्ज कॉलेज, मसूरी ने जीत दर्ज की। वहीं, ओवरऑल टीम ट्रॉफी शेरवुड कॉलेज, नैनीताल ने अपने नाम की। व्यक्तिगत प्रदर्शन में भी खिलाड़ियों ने शानदार उपलब्धियां हासिल कीं। सब-जूनियर कैटेगरी में समृद्धि शर्मा ने तीन स्वर्ण पदक जीते। वहीं, मिनी-2 कैटेगरी में शनाया सुधांशु ने भी तीन स्वर्ण पदक हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
प्रदेशभर से 150 खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा
जिम्नास्टिक एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के महासचिव प्रमोद चौधरी के अनुसार, प्रतियोगिता में बालक और बालिका वर्ग के कुल 150 खिलाड़ियों ने भाग लिया। विभिन्न विद्यालयों और जिम्नास्टिक अकादमियों के प्रतिभागियों ने खेल के दौरान अपनी तकनीक और अभ्यास का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में सेंट जॉर्ज कॉलेज, मसूरी; दून इंटरनेशनल स्कूल, देहरादून; ओएसिस स्कूल; सेंट जोसेफ्स अकादमी, देहरादून; सन वैली स्कूल, देहरादून; पतंजलि गुरुकुलम स्कूल, हरिद्वार; माउंट फोर्ट अकादमी; द एशियन स्कूल; हिलग्रेंज स्कूल; कॉन्वेंट ऑफ जीसस एंड मैरी; शेरवुड कॉलेज, नैनीताल और दून जिम्नास्टिक अकादमी, देहरादून के खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया।
जिम्नास्टिक में बेटियों की बढ़ती भागीदारी
इस प्रतियोगिता में बालकों की तुलना में बालिकाओं की भागीदारी अधिक रही। बालिका खिलाड़ियों ने विभिन्न स्पर्धाओं में बेहतर प्रदर्शन कर अपनी खेल क्षमता दिखाई। समृद्धि शर्मा और शनाया सुधांशु की तीन-तीन स्वर्ण पदकों की उपलब्धि ने प्रतियोगिता में खास ध्यान आकर्षित किया। बालिकाओं की बढ़ती भागीदारी यह संकेत देती है कि प्रदेश में जिम्नास्टिक सहित अन्य खेलों के प्रति लड़कियों की रुचि बढ़ रही है। नियमित प्रशिक्षण, बेहतर खेल सुविधाएं और प्रतियोगिताओं में भागीदारी उन्हें आगे बढ़ने के अवसर दे सकती हैं।
युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने का प्रयास
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का प्रमुख उद्देश्य उत्तराखंड में जिम्नास्टिक को बढ़ावा देना, उभरते खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देना और युवाओं को खेलों से जोड़ना है। ऐसे आयोजन खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धात्मक अनुभव प्रदान करते हैं और उन्हें भविष्य में उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं की तैयारी करने में मदद मिल सकती है। देहरादून में आयोजित इस प्रतियोगिता में खिलाड़ियों के प्रदर्शन और बालिकाओं की सक्रिय भागीदारी ने प्रदेश में जिम्नास्टिक के विकास की संभावनाओं को सामने रखा। अब खिलाड़ियों की नजरें आगामी प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर अपनी उपलब्धियों को आगे बढ़ाने पर रहेंगी।
