हरियाणा में स्वाइन फ्लू का संक्रमण तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है। मंगलवार को प्रदेशभर में एक ही दिन में 35 नए मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। नए मामलों के साथ ही इस साल राज्य में स्वाइन फ्लू के कुल मरीजों की संख्या 366 पहुंच गई है। राहत की बात यह है कि मंगलवार को स्वाइन फ्लू से किसी मरीज की मौत दर्ज नहीं की गई। हालांकि, इस साल अब तक प्रदेश में इस बीमारी से 3 लोगों की मौत हो चुकी है। मंगलवार को सामने आए नए मामलों में हिसार सबसे आगे रहा, जहां 7 मरीज मिले हैं। इसके बाद झज्जर में 6 और करनाल में 5 नए मामले सामने आए हैं। गुरुग्राम में 3 नए मरीज मिले हैं। वहीं फतेहाबाद, सोनीपत, पलवल, कुरुक्षेत्र और महेंद्रगढ़ में 2-2 नए केस दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा जींद, कैथल, सिरसा और यमुनानगर से भी 1-1 नया मरीज सामने आया है। लगातार अलग-अलग जिलों से नए मामले मिलने के कारण स्वास्थ्य विभाग निगरानी बढ़ा रहा है।
फिलहाल प्रदेश में स्वाइन फ्लू के 139 एक्टिव केस हैं। इनमें से 22 मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका अस्पतालों में इलाज चल रहा है। वहीं, अब तक 224 मरीज इलाज के बाद पूरी तरह ठीक हो चुके हैं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से संक्रमित मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जिलावार आंकड़ों पर नजर डालें तो पलवल में अब तक 17 मामले सामने आ चुके हैं। झज्जर और अंबाला में 15-15 केस दर्ज किए गए हैं, जबकि सोनीपत में 14 मरीज मिल चुके हैं। कुरुक्षेत्र और यमुनानगर में 11-11 मामले सामने आए हैं। इसके अलावा भिवानी और पानीपत में 10-10 स्वाइन फ्लू के केस दर्ज किए जा चुके हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग के मुताबिक मौसमी इन्फ्लुएंजा सांस की नली से जुड़ा संक्रमण है, इसलिए इसके लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग ने खासतौर पर बुजुर्गों, 5 साल से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पहले से शुगर या दिल की बीमारी से जूझ रहे लोगों को अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी है। विभाग ने लोगों को भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचने और जरूरत पड़ने पर मास्क का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। साथ ही फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की गई है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि सावधानी और समय पर उपचार के जरिए संक्रमण के प्रभाव को कम किया जा सकता है। प्रदेश में बढ़ते मामलों के बीच लोगों से स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है।
