पंजाब में कथित भ्रष्टाचार को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने आम आदमी पार्टी सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। भाजपा ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्ट साझा करते हुए दावा किया कि प्रवर्तन निदेशालय यानी ED की जांच में सरकारी ट्रांसफर-पोस्टिंग, टेंडर और अन्य सरकारी प्रक्रियाओं से जुड़े गंभीर कथित खुलासे सामने आए हैं। भाजपा ने अपनी पोस्ट में कहा कि ED की जांच में सामने आए तथ्यों को बेहद गंभीर बताया जा रहा है। पार्टी के अनुसार, ED ने पंजाब पुलिस को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री भगवंत मान के OSD राजबीर सिंह घुमन और अन्य लोगों से जुड़े कथित भ्रष्टाचार नेटवर्क के मामले में FIR दर्ज करने की मांग की है। भाजपा ने सवाल उठाया कि यदि जांच में इतने गंभीर आरोप और कथित सबूत सामने आए हैं तो अब तक FIR दर्ज करने में देरी क्यों हो रही है। पार्टी ने पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान से इस मामले पर जनता के सामने जवाब देने की मांग की है। भाजपा का आरोप है कि आम आदमी पार्टी सरकार इस पूरे मामले में कार्रवाई करने के बजाय कथित तौर पर कुछ लोगों को बचाने की कोशिश कर रही है। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और जांच एजेंसियों की आगे की कार्रवाई अहम मानी जा रही है।
भाजपा ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट के साथ एक निजी टीवी चैनल की वीडियो क्लिप भी साझा की है। इस रिपोर्ट में दावा किया गया कि ED की ओर से पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में करीब 200 पन्नों की एक रिपोर्ट दाखिल की गई है। निजी चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक, ED की रिपोर्ट में पंजाब सरकार से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के एक बड़े नेटवर्क का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट में सरकारी ट्रांसफर और पोस्टिंग, ठेके देने तथा लाइसेंस जारी करने की प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों का जिक्र किया गया है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि जांच एजेंसी के पास कुछ महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत मौजूद हैं। इनमें पैसों के कथित लेन-देन और WhatsApp चैट से जुड़ी जानकारियों का भी उल्लेख किया गया है। भाजपा के अनुसार, इन कथित सबूतों के आधार पर मामले की निष्पक्ष और गंभीर जांच की जरूरत है। पार्टी ने सवाल किया कि ED की ओर से पंजाब पुलिस को कार्रवाई के लिए पत्र लिखे जाने के बाद अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।
निजी चैनल की रिपोर्ट में मुख्यमंत्री कार्यालय को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री के OSD राजबीर सिंह घुमन का नाम भी जांच से जुड़े दस्तावेजों और आरोपों के संदर्भ में सामने आया है। इस मामले में कथित तौर पर नितिन गोहल, रोमी महाजन और बीर दविंद्र के नामों का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि किसी भी व्यक्ति की कानूनी जिम्मेदारी या दोष तय होना जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही संभव होगा। भाजपा ने दावा किया कि ED की रिपोर्ट में पंजाब पुलिस के सहयोग को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि यदि जांच एजेंसी की ओर से कार्रवाई के लिए जानकारी और दस्तावेज उपलब्ध कराए गए हैं तो मामले में तत्काल कानूनी प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए। इस पूरे मुद्दे को लेकर पंजाब की राजनीति में बयानबाजी तेज होने की संभावना है। भाजपा जहां इसे भ्रष्टाचार का बड़ा मामला बताकर आम आदमी पार्टी सरकार को घेर रही है, वहीं मामले में पंजाब सरकार, पुलिस और संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण रहेगी। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि ED की जांच और कथित रिपोर्ट के आधार पर पंजाब पुलिस आगे क्या कार्रवाई करती है। FIR दर्ज होती है या मामले में किसी अन्य स्तर पर जांच आगे बढ़ती है, यह आने वाले दिनों में पंजाब की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन सकता है। भाजपा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से इस पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। दूसरी तरफ, आरोपों की सत्यता, सबूतों की कानूनी स्थिति और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका का अंतिम फैसला जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
