यमुनानगर में भाजपा कार्यालय का घेराव करने जा रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान अंबाला से सांसद वरुण मुलाना समेत दर्जनों कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। कांग्रेस की ओर से भाजपा की नीतियों के विरोध में पूरे हरियाणा में भाजपा कार्यालयों के घेराव का कार्यक्रम घोषित किया गया था। इसी कड़ी में यमुनानगर में कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में भाजपा कार्यालय की ओर बढ़े। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सांसद वरुण मुलाना अपने समर्थकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा कार्यालय की तरफ जा रहे थे। पुलिस ने पहले ही सुरक्षा के मद्देनजर रास्ते में बैरिकेडिंग कर रखी थी। पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बैरिकेड्स पर रोकने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने पर अड़े रहे। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब कुछ कांग्रेस कार्यकर्ता बैरिकेड्स को पार कर आगे बढ़ गए। पुलिस लगातार उन्हें रोकने की कोशिश करती रही, लेकिन कई कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय के गेट तक पहुंचने में सफल रहे। बताया गया कि पुलिस ने स्थिति को देखते हुए भाजपा कार्यालय के गेट को अंदर से बंद कर दिया। इसके बाद सांसद वरुण मुलाना कार्यालय के गेट के पास बैठकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। पुलिस ने सांसद और अन्य प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने का प्रयास किया तो एक बार फिर धक्का-मुक्की की स्थिति पैदा हो गई। काफी देर तक चले तनाव के बाद पुलिस ने सांसद समेत कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने का फैसला किया। पुलिस ने सांसद वरुण मुलाना को हिरासत में लेकर बस में बैठाया। उनके साथ कई अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया गया और पुलिस की बसों में ले जाया गया।
इस दौरान कुछ युवा कार्यकर्ता पुलिस के हाथ नहीं आ रहे थे। पुलिस ने उन्हें काबू में करने के लिए कार्रवाई की और कई कार्यकर्ताओं को पकड़कर बसों तक पहुंचाया गया। हिरासत में लिए जाने के बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं का विरोध जारी रहा। बसों में बैठाए जाने के बाद भी सांसद और उनके समर्थक भाजपा के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए। सांसद वरुण मुलाना ने आरोप लगाया कि वह भाजपा की नीतियों के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें और उनके साथियों को हिरासत में ले लिया। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पुलिस भाजपा सरकार के दबाव में काम कर रही है। सांसद का कहना था कि सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने वालों को रोकने की कोशिश की जा रही है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद यमुनानगर में राजनीतिक माहौल गर्मा गया। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक विरोध को दबाने की कार्रवाई बताया, जबकि पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रदर्शनकारियों को रोकने और हिरासत में लेने की कार्रवाई की।
