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देहरादून:- चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों और कथित अनियमितताओं को लेकर स्थानीय लोगों और भाजपा कार्यकर्ताओं की नाराजगी सामने आई है। रविवार को कुछ कार्यकर्ता और बीरोंखाल क्षेत्र के स्थानीय निवासी अपनी शिकायतें लेकर देहरादून स्थित भाजपा कार्यालय पहुंचे। इसी दौरान चौबट्टाखाल विधायक और कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज भी पार्टी कार्यालय पहुंचे, जिसके बाद लोगों ने उनके सामने ही क्षेत्र की समस्याएं रखीं। कार्यकर्ताओं ने विकास कार्यों में कथित भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और कामकाज में हो रही देरी समेत कई मुद्दों पर मंत्री का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में कई विकास कार्य अपेक्षा के अनुरूप नहीं हो रहे हैं और शिकायतों के बावजूद संबंधित स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाई है। लोगों ने पूरे मामले की जांच कराने और समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की।
विकास कार्यों में पारदर्शिता की मांग
बीरोंखाल क्षेत्र से पहुंचे एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि उनके इलाके में विकास कार्यों से जुड़े कई गंभीर मामले सामने आए हैं। उनका दावा है कि इन मामलों को लेकर वह मुख्यमंत्री और क्षेत्रीय विधायक सतपाल महाराज से भी अपनी शिकायतें रख चुके हैं। इसके बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र की जनता विकास कार्यों में पारदर्शिता चाहती है। जिन मामलों में शिकायतें सामने आई हैं, उनकी जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा कार्यालय पहुंचने का उद्देश्य किसी राजनीतिक विरोध के बजाय क्षेत्र की समस्याओं को सामने रखना और उनका समाधान कराना है।
भाजपा कार्यालय में कुछ देर बनी असमंजस की स्थिति
पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों की ओर से खुलकर नाराजगी जाहिर किए जाने के बाद कुछ समय के लिए असमंजस की स्थिति बनी। हालांकि, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कार्यकर्ताओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनकी शिकायतों पर चर्चा की। महाराज ने पूरे मामले को पार्टी और कार्यकर्ताओं के बीच आपसी समन्वय की कमी से जुड़ा बताया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं से बातचीत हो चुकी है और उनकी मांगों पर आगे आवश्यक कार्रवाई किए जाने का भरोसा दिया गया है। क्षेत्रीय लोगों की शिकायतों और मंत्री के आश्वासन के बाद अब देखना होगा कि विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामलों पर आगे क्या कार्रवाई होती है।
