सोमवार को हरिद्वार से ‘ओलंपिक 2036 संकल्प कांवड़ यात्रा’ की शुरुआत की। यात्रा का शुभारंभ सुबह करीब 7 बजे हरकी पैड़ी पर विधिवत पूजा-अर्चना के बाद हुआ। मंत्री रेखा आर्या ने गंगा पूजन कर देश में ओलंपिक खेलों के सफल आयोजन का संकल्प लिया और गंगाजल उठाकर यात्रा शुरू की। इस दौरान उन्होंने भारत की खेल शक्ति को दुनिया के सामने मजबूती से रखने और 2036 में देश में ओलंपिक आयोजन की कामना की। हरिद्वार से शुरू हुई यह यात्रा आगे बढ़ते हुए रायवाला पहुंची। यात्रा में बड़ी संख्या में महिला खिलाड़ी, एथलीट और स्थानीय लोग शामिल हुए। खिलाड़ियों और युवाओं की भागीदारी ने यात्रा को खेल और राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग दिया। यात्रा के दौरान रास्ते में कई जगह लोगों ने कांवड़ यात्रा का स्वागत किया। ‘हर-हर महादेव’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से पूरा माहौल भक्तिमय और उत्साहपूर्ण नजर आया। मंत्री के साथ चल रहे खिलाड़ियों ने भी ओलंपिक 2036 की मेजबानी के संकल्प को लेकर उत्साह जताया।
रेखा आर्या ने कहा कि भारत ने खेलों के क्षेत्र में लगातार अपनी क्षमता साबित की है और अब देश को दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजनों में से एक ओलंपिक की मेजबानी के लिए तैयार होना चाहिए। इसी उद्देश्य से यह यात्रा एक संकल्प और सकारात्मक संदेश के रूप में निकाली जा रही है। यात्रा का समापन ऋषिकेश के प्रसिद्ध वीरभद्र मंदिर में किया जाएगा। यहां रेखा आर्या भगवान शिव का गंगाजल से जलाभिषेक करेंगी और भारत को वर्ष 2036 में ओलंपिक की मेजबानी मिलने की कामना करेंगी। इस यात्रा में खिलाड़ियों और महिलाओं की बड़ी भागीदारी को उत्तराखंड में खेलों के प्रति बढ़ती जागरूकता और उत्साह से जोड़कर देखा जा रहा है। धार्मिक आस्था और खेलों के संकल्प के इस अनोखे संगम के जरिए भारत की ओलंपिक मेजबानी की उम्मीद को जनभावना से जोड़ने का प्रयास किया गया है।
