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लोकसभा में बुधवार को विपक्ष के भारी हंगामे के बीच लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। सरकार ने इसे सार्वजनिक परीक्षाओं को निष्पक्ष, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की दिशा में अहम कदम बताया। विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के जंतर-मंतर पर छात्रों से जुड़े बयान और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर लगाए गए आरोपों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। हंगामे के बावजूद सरकार ने विधेयक को सदन से मंजूरी दिला दी।
चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली में सुधार और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक मामले में तेजी से कार्रवाई की गई है और कानून को समय के साथ और मजबूत बनाया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि वर्ष 2024 में लागू किए गए एंटी पेपर लीक कानून के बाद अब तक 52 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। उन्होंने दावा किया कि इस कानून के लागू होने के बाद पेपर लीक से जुड़े मामलों में कमी आई है और परीक्षा व्यवस्था में लोगों का भरोसा बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि संशोधित कानून से सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वालों पर कार्रवाई और प्रभावी होगी। विधेयक पारित होने के बाद लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
