मसूरी: पहाड़ों की रानी मसूरी में मानसून के दौरान क्षतिग्रस्त मसूरी-देहरादून मार्ग पर्यटकों, स्थानीय निवासियों और व्यापारियों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। पानी वाले बैंड के पास सड़क धंसने के बाद इस मार्ग पर वन-वे यातायात व्यवस्था लागू की गई है, जिससे दोनों ओर कई किलोमीटर लंबा जाम लग रहा है। हालात ऐसे हैं कि देहरादून से मसूरी का सामान्यतः एक घंटे में पूरा होने वाला सफर अब चार से पांच घंटे तक पहुंच गया है। इसका सीधा असर पर्यटन गतिविधियों और स्थानीय कारोबार पर भी दिखाई देने लगा है। दिल्ली से मसूरी घूमने आए पर्यटक अभिषेक ने अपनी परेशानी साझा करते हुए बताया कि उन्हें दिल्ली से देहरादून पहुंचने में करीब ढाई घंटे का समय लगा, लेकिन देहरादून से मसूरी पहुंचने में लगभग पांच घंटे लग गए। उन्होंने बताया कि पहले वैली ब्रिज क्षेत्र में लंबा जाम मिला और उसके बाद पानी वाले बैंड के पास क्षतिग्रस्त सड़क के कारण घंटों इंतजार करना पड़ा।
पर्यटक अभिषेक का कहना है कि जब तक सड़क और सुरक्षा पुश्ते का स्थायी निर्माण पूरा नहीं हो जाता, तब तक प्रशासन को यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए अस्थायी वैकल्पिक पुल या अन्य प्रभावी व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि यात्रियों को घंटों तक जाम में न फंसना पड़े। वहीं, मसूरी निवासी गौरव ने लोक निर्माण विभाग (PWD) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि समय रहते सड़क की गुणवत्ता के साथ मरम्मत और सुरक्षा पुश्ते का निर्माण किया गया होता, तो आज यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। उनका कहना है कि मसूरी पहले से ही ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहा है, लेकिन सड़क धंसने के बाद हालात और गंभीर हो गए हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में हुई लापरवाही और देरी का खामियाजा अब स्थानीय नागरिकों, पर्यटकों और व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है। लगातार लगने वाले जाम के कारण पर्यटक परेशान हो रहे हैं, जिससे मसूरी के पर्यटन उद्योग और स्थानीय व्यवसाय पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, क्षतिग्रस्त हिस्से पर सुरक्षा पुश्ते के निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके बाद सड़क का पुनर्निर्माण किया जाएगा। हालांकि लगातार हो रही बारिश के कारण निर्माण कार्य की रफ्तार प्रभावित हुई है। विभाग का कहना है कि मौसम सामान्य होते ही कार्य में तेजी लाई जाएगी और मार्ग को जल्द सुरक्षित एवं पूरी तरह यातायात के लिए बहाल किया जाएगा।
वन-वे व्यवस्था के चलते दिनभर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। होटल व्यवसायियों और स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि बार-बार लगने वाले जाम से पर्यटक मसूरी आने से बचने लगे हैं, जिससे पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि केवल अस्थायी यातायात व्यवस्था पर निर्भर रहने के बजाय सड़क के स्थायी और सुरक्षित पुनर्निर्माण का कार्य युद्धस्तर पर पूरा किया जाए, ताकि मानसून के दौरान बार-बार लगने वाले जाम और संभावित दुर्घटनाओं से लोगों को राहत मिल सके।
