उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में लगातार हो रही बारिश का असर अब कैलाश मानसरोवर यात्रा पर भी देखने को मिल रहा है। धारचूला के तवाघाट-गुंजी मार्ग पर अचानक हुए भूस्खलन के कारण कैलाश मानसरोवर यात्रा के चौथे दल की यात्रा फिलहाल रोक दी गई है। पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर गिरने से सड़क पूरी तरह अवरुद्ध हो गई, जिसके चलते यात्रियों को सुरक्षा के मद्देनजर धारचूला में ही ठहराया गया है। प्रशासन का कहना है कि सड़क पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद ही यात्रियों को आगे गुंजी के लिए रवाना किया जाएगा।
गर्बाधार और तंपा मंदिर के बीच हुआ भूस्खलन
शनिवार तड़के करीब पांच बजे गर्बाधार और तंपा मंदिर के बीच पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें सड़क पर आ गिरीं। इससे तवाघाट-गुंजी कैलाश यात्रा मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया। यह मार्ग कैलाश मानसरोवर यात्रा का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहां से होकर श्रद्धालु आगे की यात्रा पूरी करते हैं। अचानक सड़क बंद होने से यात्रा कार्यक्रम में बदलाव करना पड़ा।
50 यात्रियों की रवानगी फिलहाल टली
शनिवार को कैलाश मानसरोवर यात्रा के चौथे दल के 50 श्रद्धालुओं को धारचूला स्थित कुमाऊं मंडल विकास निगम (KMVN) पर्यटक आवास गृह से गुंजी के लिए रवाना होना था। यात्रा की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं, लेकिन रास्ता बंद होने की सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सभी यात्रियों को धारचूला में ही रोक दिया। यात्राधिकारी धन सिंह बिष्ट के अनुसार, सड़क खुलने के बाद मौसम और सुरक्षा की समीक्षा कर यात्रियों को आगे भेजा जाएगा।
BRO की टीम युद्धस्तर पर कर रही सड़क साफ
सड़क बाधित होने की सूचना मिलते ही सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीमें मौके पर पहुंच गईं। जेसीबी और अन्य भारी मशीनों की मदद से सड़क से मलबा और विशाल बोल्डर हटाने का कार्य तेज गति से जारी है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता सड़क को जल्द से जल्द सुरक्षित तरीके से यातायात के लिए बहाल करना है, ताकि यात्रा बिना किसी जोखिम के आगे बढ़ सके।
वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित
सड़क बंद होने के कारण केवल कैलाश यात्री ही नहीं, बल्कि स्थानीय यातायात भी प्रभावित हुआ है। पांगला पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर धारचूला से गुंजी जाने वाले सभी वाहनों को पांगला क्षेत्र में ही रोक दिया है। कई वाहन चालक सड़क खुलने का इंतजार कर रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बिना आवश्यक सूचना के इस मार्ग पर यात्रा न करें।
मौसम बना चुनौती
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में इन दिनों लगातार बारिश हो रही है। बारिश के कारण भूस्खलन और पहाड़ियों से मलबा गिरने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून के दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करना चाहिए।
यात्रियों की सुरक्षा प्रशासन की पहली प्राथमिकता
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सड़क पूरी तरह सुरक्षित घोषित होने के बाद ही कैलाश मानसरोवर यात्रा के चौथे दल को आगे बढ़ने की अनुमति दी जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि यात्रा कार्यक्रम में थोड़ी देरी हो सकती है, लेकिन किसी भी तरह का जोखिम नहीं लिया जाएगा।
क्या है कैलाश मानसरोवर यात्रा का महत्व?
कैलाश मानसरोवर यात्रा हिंदू, बौद्ध, जैन और बोन धर्म के अनुयायियों के लिए अत्यंत पवित्र मानी जाती है। हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्तराखंड के धारचूला मार्ग से इस कठिन धार्मिक यात्रा पर निकलते हैं। मानसून के दौरान इस मार्ग पर भूस्खलन और सड़क अवरुद्ध होने जैसी घटनाएं सामान्य मानी जाती हैं, इसलिए प्रशासन लगातार निगरानी बनाए रखता है।
