करीब 300 दिनों के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार देहरादून के प्रेमनगर स्थित नंदा की चौकी पुल को आम जनता के लिए खोल दिया गया है। पुल के शुरू होने से देहरादून-पांवटा साहिब राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक बार फिर यातायात सुचारु हो गया है। रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों लोगों को अब लंबा वैकल्पिक रास्ता तय नहीं करना पड़ेगा, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। यह पुल पिछले वर्ष 15 सितंबर को टौंस नदी में आई भीषण बाढ़ के दौरान क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद प्रशासन ने पुराने पुल को बंद कर नए पुल के निर्माण का कार्य शुरू कराया। निर्माण अवधि के दौरान लोगों की सुविधा के लिए एक अस्थायी पुल बनाया गया था, जिसके जरिए वाहनों की आवाजाही कराई जा रही थी। शनिवार देर रात और रविवार तड़के हुई भारी बारिश के कारण टौंस नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। तेज बहाव की चपेट में आने से अस्थायी पुल क्षतिग्रस्त होकर बह गया। इसके बाद प्रशासन ने स्थिति का जायजा लिया और निर्माणाधीन नए पुल को तत्काल यातायात के लिए खोलने का फैसला किया, ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस नए पुल को आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीक और मजबूत सुरक्षा मानकों के अनुरूप बनाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पुल भविष्य में बाढ़ जैसी परिस्थितियों का सामना करने में पहले से अधिक सक्षम होगा और क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को लंबे समय तक सुरक्षित बनाए रखेगा। पुल के शुरू होने से प्रेमनगर, विकासनगर, पांवटा साहिब और आसपास के क्षेत्रों के हजारों लोगों को बड़ी राहत मिली है। स्थानीय व्यापारियों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और दैनिक यात्रियों के लिए यह पुल बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लंबे समय से वैकल्पिक मार्ग की परेशानी झेल रहे लोगों ने पुल खुलने पर खुशी जताई और इसे क्षेत्र के लिए बड़ी राहत बताया।
