कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थकों ने शुक्रवार को दिल्ली में पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने खुद को हिंदुत्व इन्फ्लुएंसर बताने वाले स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन में CJP के प्रवक्ता सौरव दास समेत पार्टी के कई समर्थक शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि स्वतंत्र भारद्वाज ने एक प्रदर्शनकारी छात्र के पिता के साथ मारपीट की थी। मामला एक वायरल इंटरव्यू के सामने आने के बाद तूल पकड़ गया। इंटरव्यू में भारद्वाज ने कथित तौर पर दावा किया कि उन्होंने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान CJP प्रदर्शनकारी निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ मारपीट की थी। इसी दावे को लेकर CJP समर्थकों ने पुलिस स्टेशन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले की जांच कर स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि किसी भी प्रदर्शन के दौरान हिंसा या मारपीट की घटना को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि संजय कुमार के साथ कथित मारपीट के मामले में पुलिस को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। CJP समर्थकों ने वायरल इंटरव्यू को भी मामले में महत्वपूर्ण आधार बताया है। उनका कहना है कि इंटरव्यू में किए गए दावों की जांच की जानी चाहिए और यह पता लगाया जाना चाहिए कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर वास्तव में क्या हुआ था। 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुआ प्रदर्शन अब इस पूरे विवाद के केंद्र में है। प्रदर्शन के दौरान मौजूद लोगों, घटनाक्रम और वायरल वीडियो या अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच से मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है। विवाद बढ़ने के बाद CJP समर्थकों ने पुलिस से शिकायत और कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन का रास्ता अपनाया। प्रदर्शन के दौरान पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर लोगों ने अपनी मांगें उठाईं। मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है। किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई से पहले पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तथ्य स्पष्ट होना जरूरी है।
वायरल इंटरव्यू सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि वायरल वीडियो या किसी इंटरव्यू में किए गए दावों को अंतिम तथ्य मानने से पहले उनकी आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। फिलहाल CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर कायम हैं। वहीं मामले में पुलिस की जांच और सामने आने वाले साक्ष्य से यह स्पष्ट होगा कि कथित मारपीट की घटना में वास्तव में क्या हुआ था। यह विवाद अब जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से आगे बढ़कर पुलिस कार्रवाई और कथित मारपीट के आरोपों तक पहुंच गया है। आने वाले दिनों में पुलिस की जांच और दोनों पक्षों के बयान इस मामले की दिशा तय कर सकते हैं
