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चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले में निर्माणाधीन सुरंग में हुए दर्दनाक हादसे ने इलाके में मातम का माहौल पैदा कर दिया है। टीएचडीसी की विष्णुगाड–पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टनल में गुरुवार शाम अचानक भारी मात्रा में मलबा और पानी घुस गया। हादसे में अब तक 7 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 3 श्रमिक अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। उनकी तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। जानकारी के मुताबिक, इस सुरंग का निर्माण हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (HCC) के लिए मजदूर कर रहे थे। हादसा गुरुवार शाम करीब 6:30 से 7 बजे के बीच हुआ। अचानक मलबा और पानी आने से टनल के भीतर काम कर रहे करीब 28 मजदूर फंस गए। बचाव दलों ने अभियान चलाकर इनमें से 19 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि सात मजदूरों की जान चली गई।
तीन श्रमिकों की तलाश जारी
रेस्क्यू टीमों की ओर से टनल में फंसे तीन श्रमिकों की तलाश लगातार की जा रही है। मलबे और पानी की वजह से बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। एजेंसियां सावधानी के साथ टनल के भीतर सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।
चमोली टनल हादसे में मृतकों के नाम
हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की पहचान इस प्रकार बताई गई है:
- प्रदीप पंवार (35) — चंबा, टिहरी
- मुकेश सिंह — चमोली
- दुर्लभ शर्मा — उत्तर प्रदेश
- विजय हंसदा — उत्तर प्रदेश
- जितेंद्र कुमार — उत्तर प्रदेश
- लोकेश्वर — छत्तीसगढ़
- भुवनेश्वर — छत्तीसगढ़
लापता श्रमिकों के नाम
रेस्क्यू अभियान के दौरान जिन तीन श्रमिकों का अभी तक पता नहीं चल सका है, उनके नाम हैं:
- लुकास टोपनो — झारखंड
- चेतन पोयाम — छत्तीसगढ़
- देवनाथ — छत्तीसगढ़
प्रशासन और बचाव एजेंसियां लापता श्रमिकों तक पहुंचने के लिए लगातार अभियान चला रही हैं। टनल के भीतर जमा मलबे और पानी को हटाने के साथ सुरक्षित तरीके से तलाशी अभियान आगे बढ़ाया जा रहा है।
