कुछ साल पहले तक दूध, ब्रेड और रोजमर्रा की जरूरी चीजें घर मंगाने के लिए लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ता था। लेकिन अब क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म कुछ ही मिनटों में सामान घर तक पहुंचाने का दावा करते हैं। Blinkit, Zepto और Swiggy Instamart जैसी सेवाओं ने खरीदारी को बेहद आसान बना दिया है। हालांकि, डिलीवरी की यह रफ्तार अब कई गंभीर सवाल भी खड़े कर रही है। डिलीवरी पार्टनर्स की सड़क सुरक्षा, डार्क स्टोर्स की साफ-सफाई और खाने-पीने की चीजों के सुरक्षित रखरखाव को लेकर सामने आई कार्रवाइयों ने क्विक कॉमर्स मॉडल की कार्यप्रणाली पर चर्चा तेज कर दी है। क्विक कॉमर्स कंपनियां लंबे समय तक अपनी मार्केटिंग में ’10 मिनट में डिलीवरी’ जैसे दावों को प्रमुखता देती रही हैं। कम समय में ऑर्डर पहुंचाने के लिए डिलीवरी पार्टनर्स को कई स्तरों पर तेजी से काम करना पड़ता है।
ऑर्डर मिलने के बाद डार्क स्टोर से सामान चुनना, उसकी पैकिंग करना, ऑर्डर उठाना और फिर ट्रैफिक के बीच ग्राहक के घर तक पहुंचाना होता है। इतने कम समय की डेडलाइन होने पर डिलीवरी पार्टनर्स पर लगातार दबाव बनने की आशंका रहती है। इसी वजह से सड़क सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई है। कम समय में ऑर्डर पहुंचाने की कोशिश में कुछ डिलीवरी राइडर्स के ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने या तेज गति से वाहन चलाने का जोखिम बढ़ सकता है। गिग वर्कर संगठनों ने भी डिलीवरी टाइमलाइन और काम के तनाव को लेकर सवाल उठाए हैं। इन चिंताओं के बीच केंद्र सरकार की ओर से कंपनियों से ’10 मिनट में डिलीवरी’ जैसे दावों के प्रचार से बचने को कहा गया। इसके बाद कई क्विक कॉमर्स कंपनियों ने अपनी ब्रांडिंग और मार्केटिंग में ऐसे संदेशों को कम या हटाना शुरू किया। क्विक कॉमर्स का दूसरा अहम हिस्सा डार्क स्टोर हैं। ये छोटे गोदाम होते हैं, जहां अलग-अलग तरह के उत्पाद रखे जाते हैं। ग्राहक सीधे इन स्टोर्स पर खरीदारी करने नहीं जाते, लेकिन उनके घर पहुंचने वाला सामान इन्हीं जगहों से चुना और पैक किया जाता है।
इसलिए डार्क स्टोर्स में साफ-सफाई, खाद्य पदार्थों का सही भंडारण और तापमान बनाए रखना बेहद जरूरी है। खासकर दूध, फल, सब्जियां, ब्रेड और अन्य खाद्य उत्पादों के मामले में थोड़ी सी लापरवाही भी उनकी गुणवत्ता और सुरक्षा पर असर डाल सकती है। महाराष्ट्र में खाद्य एवं औषधि प्रशासन यानी FDA की कार्रवाई ने डार्क स्टोर्स की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मुंबई के मलाड वेस्ट इलाके में Blinkit से जुड़े एक डार्क स्टोर का निरीक्षण किया गया, जहां कथित तौर पर साफ-सफाई से जुड़ी कमियां और फल-सब्जियों के आसपास कॉकरोच जैसी समस्याएं सामने आईं। इसके बाद संबंधित फूड लाइसेंस को निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई। इसी तरह कर्नाटक में भी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने Zepto से जुड़े एक वेयरहाउस के खिलाफ कार्रवाई की। रिपोर्ट के अनुसार, बेंगलुरु के होसकोटे तालुक में निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों के रखरखाव और भंडारण से जुड़ी कुछ कमियां पाई गईं।
इन घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्विक कॉमर्स में केवल डिलीवरी की गति ही महत्वपूर्ण है या सामान की गुणवत्ता और सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है। ग्राहक को कुछ मिनटों विशेषज्ञों के लिए भी चुनौती यही है कि क्विक कॉमर्स की तेजी और खाद्य सुरक्षा के नियमों के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। डिलीवरी का समय कम करने के साथ-साथ डार्क स्टोर्स की स्वच्छता, खाद्य पदार्थों का उचित तापमान, पैकेजिंग और कर्मचारियों की सुरक्षा पर भी समान ध्यान देना जरूरी है। क्विक कॉमर्स ने निश्चित तौर पर लोगों की खरीदारी का तरीका बदल दिया है, लेकिन हालिया कार्रवाइयों ने यह साफ कर दिया है कि सुविधा और रफ्तार के साथ सुरक्षा और गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जा सकता। आने वाले समय में कंपनियों के लिए तेज डिलीवरी के साथ सुरक्षित और मानक अनुरूप सप्लाई चेन बनाए रखना बड़ी चुनौती होगी।
