मोहाली में सेवा केंद्र कर्मचारियों की हड़ताल के चलते बुधवार को कामकाज प्रभावित रहा। सेवा केंद्रों में जरूरी सरकारी सेवाओं के लिए पहुंचने वाले लोगों को कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से परेशानी का सामना करना पड़ा। जानकारी के मुताबिक, सेवा केंद्रों में कार्यरत कर्मचारी मोहाली के डीसी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और जल्द समाधान की मांग की। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि सेवा केंद्रों में निजी कंपनी आधारित व्यवस्था के तहत काम करने के कारण उन्हें लंबे समय से कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि कर्मचारियों को कई बार वेतन समय पर नहीं मिलता और वेतन में अपेक्षित बढ़ोतरी भी नहीं की जाती।
कर्मचारियों ने ठेकेदारी व्यवस्था खत्म करने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि सेवा केंद्रों में काम करने वाले कर्मचारियों को सरकारी विभाग के अधीन किया जाना चाहिए, जिससे उन्हें नौकरी से जुड़ी बेहतर सुविधाएं और समय पर वेतन मिल सके। कर्मचारियों का कहना है कि अगर उनकी सेवाओं को सरकारी व्यवस्था के अधीन किया जाता है तो इससे उनके काम करने की स्थिति में सुधार होगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मांगें पूरी होने के बाद वे लोगों को बेहतर और अधिक प्रभावी सेवाएं देने के लिए पूरी मेहनत से काम करेंगे। धरने के दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया गया तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा। कर्मचारियों ने कहा कि जरूरत पड़ने पर वे राज्यभर में कलम छोड़ हड़ताल शुरू कर सकते हैं। यदि प्रदेश स्तर पर सेवा केंद्र कर्मचारियों की हड़ताल होती है, तो सरकारी सेवाओं से जुड़े काम करवाने के लिए आने वाले लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। फिलहाल मोहाली में कर्मचारियों के प्रदर्शन के कारण सेवा केंद्रों के कामकाज पर असर पड़ा है। कर्मचारियों और सरकार के बीच बातचीत से ही यह स्पष्ट होगा कि हड़ताल कब तक जारी रहती है और लोगों को सेवाएं सामान्य रूप से कब मिल पाएंगी।
