Read Time:3 Minute, 55 Second
देहरादून:- उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को मंत्रिमंडल की अहम बैठक होने जा रही है। सचिवालय में दोपहर 12:30 बजे प्रस्तावित इस बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा और फैसले होने की संभावना है। आगामी विधानसभा मानसून सत्र को देखते हुए भी इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कैबिनेट बैठक में विधानसभा के मानसून सत्र की तारीख और स्थान को लेकर चर्चा हो सकती है। इसके अलावा विभिन्न विभागों से जुड़े कई प्रस्तावों को भी मंत्रिमंडल के सामने रखा जा सकता है, जिन पर निर्णय होने की उम्मीद है।
उपनल कर्मचारियों के समान वेतन पर फैसला संभव
धामी कैबिनेट की बैठक में उपनल कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने के मामले पर भी बड़ा फैसला हो सकता है। इस संबंध में गठित कैबिनेट उपसमिति ने 1 मार्च 2026 से समान कार्य-समान वेतन का लाभ देने का निर्णय लिया है। प्रस्ताव के मुताबिक, 15 अक्टूबर 2024 तक विभागों में नियुक्त किए गए उपनल कर्मचारी इस व्यवस्था के दायरे में आएंगे। इससे प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत करीब 22 हजार उपनल कर्मचारियों को लाभ मिलने की बात कही गई है। अब उपसमिति की रिपोर्ट पर कैबिनेट की मंजूरी मिलने की संभावना है।
MBBS डॉक्टरों को लेकर भी आ सकता है अहम प्रस्ताव
स्वास्थ्य विभाग से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर भी कैबिनेट में चर्चा संभव है। दरअसल, राजकीय मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले छात्रों को पर्वतीय क्षेत्रों में बॉन्ड के तहत सेवाएं देनी होती हैं। हालांकि, कुछ समय सेवा देने के बाद कई डॉक्टर पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए आवेदन कर देते हैं और आगे की पढ़ाई के लिए चले जाते हैं। इससे पर्वतीय क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी बनी रहती है। इसी समस्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया है कि राजकीय मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस करने वाले डॉक्टरों को कम से कम तीन वर्ष तक सेवा देना अनिवार्य किया जाए। तीन साल की सेवा पूरी करने के बाद ही उन्हें पीजी में प्रवेश की अनुमति देने का प्रावधान प्रस्तावित है। कैबिनेट इस प्रस्ताव पर भी फैसला ले सकती है।
संविदा कर्मियों के नियमितीकरण पर भी नजर
इसके साथ ही प्रदेश में कार्यरत संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण का मुद्दा भी मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जा सकता है। ऐसे में शुक्रवार की बैठक में उपनल कर्मचारियों के समान वेतन, संविदा कर्मियों के नियमितीकरण, स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव और आगामी मानसून सत्र से जुड़े फैसलों पर सभी की नजर रहेगी।
