अल्मोड़ा: उत्तराखंड शासन ने चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। शासन की ओर से प्रदेश के कई राजकीय मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों और एक प्रोफेसर के स्थानांतरण व नई तैनाती के आदेश जारी किए गए हैं। इस फेरबदल में अल्मोड़ा, रुद्रपुर, हल्द्वानी, श्रीनगर और हरिद्वार मेडिकल कॉलेज शामिल हैं। शासन के आदेश के मुताबिक सभी संबंधित अधिकारियों को अपनी नई तैनाती वाली जगह पर जल्द से जल्द कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। माना जा रहा है कि इस प्रशासनिक बदलाव का उद्देश्य मेडिकल कॉलेजों के संचालन को अधिक प्रभावी बनाना और चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था में बेहतर समन्वय स्थापित करना है।
अल्मोड़ा के प्राचार्य अब रुद्रपुर में संभालेंगे जिम्मेदारी
सोबन सिंह जीना राजकीय मेडिकल कॉलेज, अल्मोड़ा के प्राचार्य डॉ. चंद्र प्रकाश भैसोड़ा का तबादला राजकीय मेडिकल कॉलेज, रुद्रपुर कर दिया गया है। अब वह रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य के रूप में अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे। वहीं, राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में तैनात डॉ. जीएस तितियाल को अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज का नया प्राचार्य नियुक्त किया गया है। इस बदलाव के बाद अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज की प्रशासनिक जिम्मेदारी अब डॉ. तितियाल के पास होगी।
चिकित्सा शिक्षा निदेशालय में भी बड़ा बदलाव
शासन ने चिकित्सा शिक्षा निदेशालय में भी महत्वपूर्ण फेरबदल किया है। चिकित्सा शिक्षा प्रभारी निदेशक डॉ. अजय कुमार आर्या को राजकीय मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी का प्राचार्य बनाया गया है। वहीं, राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना को चिकित्सा शिक्षा का नया निदेशक नियुक्त किया गया है। उन्हें अब प्रदेश की चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालनी होगी।
श्रीनगर और हरिद्वार मेडिकल कॉलेज में भी बदले प्राचार्य
शासन के आदेश के तहत राजकीय मेडिकल कॉलेज हरिद्वार के प्राचार्य डॉ. चंद्र मोहन सिंह रावत का स्थानांतरण श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य पद पर किया गया है। इसके अलावा हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर के पद पर तैनात डॉ. पंकज सिंह को राजकीय मेडिकल कॉलेज हरिद्वार का प्रभारी प्राचार्य नियुक्त किया गया है।
मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ेगा असर
सरकार के इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल के बाद प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में प्रशासनिक कामकाज को गति मिलने की उम्मीद है। नए अधिकारियों की तैनाती से कॉलेजों में शैक्षणिक गतिविधियों, प्रशासनिक व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने पर जोर दिए जाने की संभावना है। माना जा रहा है कि अधिकारियों के अनुभव और प्रशासनिक क्षमता का उपयोग मेडिकल कॉलेजों की कार्यप्रणाली को मजबूत करने में किया जाएगा। शासन ने सभी स्थानांतरित एवं नव नियुक्त अधिकारियों को बिना देरी किए अपनी नई तैनाती पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं।
