रामनगर (नैनीताल): उत्तराखंड के नैनीताल जिले के रामनगर क्षेत्र में देर रात एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां हाई टेंशन बिजली का तार अचानक टूटकर गिरने से एक महिला और उसका बेटा गंभीर रूप से करंट की चपेट में आ गए। हादसे में दोनों बुरी तरह झुलस गए और उनकी हालत नाजुक होने पर चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने दोनों घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल भेज दिया।
देर रात हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार यह हादसा रामनगर के मोतीपुर छोई क्षेत्र में देर रात हुआ। बताया जा रहा है कि अचानक हाई टेंशन बिजली की लाइन का तार टूटकर नीचे गिर गया। उसी दौरान वहां मौजूद करीब 40 वर्षीय महिला और उसका 18 वर्षीय बेटा करंट की चपेट में आ गए। हाई वोल्टेज करंट लगने से दोनों गंभीर रूप से झुलस गए। घटना की सूचना मिलते ही परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बिना समय गंवाए दोनों को रामनगर के रामदत्त संयुक्त चिकित्सालय लेकर पहुंचे।
डॉक्टरों ने बताया गंभीर
रामदत्त संयुक्त चिकित्सालय के चिकित्सक डॉ. तौहीद के अनुसार अस्पताल पहुंचने तक दोनों मरीज गंभीर रूप से झुलस चुके थे। जांच में दोनों के शरीर पर लगभग 60 से 70 प्रतिशत तक बर्न इंजरी पाई गई। डॉक्टरों के मुताबिक बेटे की हालत सबसे अधिक गंभीर थी, जबकि महिला की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई थी। अस्पताल में प्राथमिक उपचार, ड्रेसिंग और जरूरी मेडिकल सहायता देने के बाद दोनों को तुरंत हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
हल्द्वानी किया गया रेफर
चिकित्सकों ने बताया कि दोनों मरीजों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज और विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल, हल्द्वानी भेजा गया है। फिलहाल दोनों का इलाज वहीं जारी है और डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं।
इलाके में दहशत, लोगों ने उठाए सवाल
हादसे के बाद छोई क्षेत्र के लोगों में भारी चिंता और आक्रोश देखने को मिला। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बिजली की कई लाइनें काफी पुरानी हो चुकी हैं और उनका समय-समय पर रखरखाव नहीं किया जाता। लोगों ने बिजली विभाग से मांग की है कि पूरे क्षेत्र की हाई टेंशन लाइनों, बिजली के खंभों और तारों की तकनीकी जांच कराई जाए ताकि भविष्य में इस तरह की जानलेवा घटनाओं को रोका जा सके।
बिजली विभाग से कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते बिजली लाइनों का निरीक्षण और मरम्मत की जाती तो शायद यह हादसा टल सकता था। लोगों ने दोषी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा मानकों के अनुसार बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है।
फिलहाल क्या है स्थिति?
दोनों घायल मां-बेटे का हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में उपचार जारी है। चिकित्सकों की टीम उनकी हालत पर लगातार नजर बनाए हुए है। वहीं प्रशासन और बिजली विभाग भी घटना की जांच में जुट गए हैं।
