उत्तराखंड सरकार ने प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने और सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को देहरादून स्थित सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में आयोजित सचिव समिति की महत्वपूर्ण बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में सभी विभागाध्यक्षों और वरिष्ठ अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने सबसे पहले UPNL (उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम) के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों के कॉन्ट्रैक्ट का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अगले तीन दिनों के भीतर अपने यहां कार्यरत UPNL कर्मियों के साथ अनुबंध प्रक्रिया पूरी करें। यदि किसी विभाग ने निर्धारित समयसीमा के भीतर कॉन्ट्रैक्ट नहीं किया, तो संबंधित विभागाध्यक्ष के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि (Negative Remark) दर्ज की जाएगी। सरकार का उद्देश्य कर्मचारियों की सेवाओं को स्पष्ट और पारदर्शी बनाना है ताकि भविष्य में किसी प्रकार की प्रशासनिक परेशानी न हो।
बैठक में कर्मचारियों के प्रमोशन और वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR) से जुड़े मामलों पर भी विशेष जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि प्रमोशन संबंधी शासनादेश का 100 प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए। जिन कर्मचारियों का प्रमोशन 30 जून 2027 तक लंबित है, उनके प्रमोशन की प्रक्रिया अगले एक महीने के भीतर शुरू कर दी जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कर्मचारियों की एसीआर समय पर तैयार की जाए और जहां बैच क्रिएशन का कार्य लंबित है, उसे तुरंत पूरा करके पूरी प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा के भीतर समाप्त की जाए। बैठक में सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि फिलहाल कृषि विभाग में चल रही CBDC आधारित व्यवस्था को अब उद्यान विभाग और अन्य लाभार्थी केंद्रित योजनाओं में भी चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाए। इसके लिए संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने और इसकी व्यवहारिक संभावनाओं का अध्ययन करने को कहा गया।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी लाभार्थी आधारित विभागों के अधिकारियों के लिए CBDC पर विशेष कार्यशाला आयोजित की जाए ताकि डिजिटल भुगतान प्रणाली को बेहतर तरीके से समझा जा सके और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक तेज, सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जा सके। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि सरकार प्रशासनिक सुधार, डिजिटल गवर्नेंस और कर्मचारियों के लंबित मामलों के समयबद्ध समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने सभी विभागों को तय समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
